सफ़र घर है ठिकाना हैहमें घर जो बनाना हैसभी को है हँसाना भीसभी का ग़म उठाना हैगया बचपन किताबों मेंजवानी में कमाना हैबहन भी है हमें जिस कोपढ़ाना है सिखाना हैहाँ बाबा और अम्मा कोहमें हज भी कराना हैहूँ बेटा और होने काफ़राइज़ है निभाना है— Meem Mohammed