हलाकत भी मुसीबत भीअजब सी है मुहब्बत भीअकेली ही करे दिल परसियासत भी हुकूमत भीलुटा देना किसी पर दिलहै रुतबा भी रिवायत भीनहीं मुमकिन इकट्ठी होमुहब्बत और नफ़रत भीख़राबी ही ख़राबी हैअजब सा रोग क़िस्मत भी— Meem Mohammed