@anurag_ravi11
Anurag Ravi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anurag Ravi's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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बड़ी तेज़ी से पल जाएगा
सब हाथों से निकल जायेगा
जलता घर अब कौन बचाए
सभी का हाथ जल जायेगा
वो यहाँ पर आए शायद
रुत ये बदल जाए शायद
गली में मेरा नाम पुकारो
वो खिड़की में आए शायद
पेड़ हिफ़ाजत करना चाहते हैं
और परिंदे हैं, उड़ना चाहते हैं
ना मानों हमारी बात यूँ ही
हम तुमसे उलझना चाहते हैं
हमें सच्चाई तक नहीं पहुंचना
बहुत गहराई तक नहीं पहुंचना
जहां से आदमी आदमी ना दिखे
ऐसी ऊंचाई तक नहीं पहुंचना
जब लोग बैठे थे पानी कि आस में
हम मुत्मइन थे तब अपनी प्यास में
सजे सवरें लोग फीके लगने लगे
आ गया वो जब सादे लिबास में
जब देर से घर आया वो
तब नज़रों पर आया वो
मुशायरा मुझे भी पढ़ना था
इसलिए सज कर आया वो