इंसान को ही अक़्ल ये आना तो है नहीं
    धरती के ही अलावा ठिकाना तो है नहीं

    भर लो सिलेंडरों में जहाँ भर की ऑक्सीजन
    तुम को मगर दरख़्त लगाना तो है नहीं
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    बड़े नादान है नज़रें इधर कर भूल जाते हैं
    तो हम भी सादा दिल ठहरे सँवर कर भूल जाते हैं

    अजी हम दीन-ओ-दुनिया, घर, वफ़ा सब से परेशाँ हैं
    तो किस के नाम से रोए बिफर कर भूल जाते हैं

    वफ़ा कर के वफ़ा मांगें उसे ये भी सहूलत है
    हमारा काम है हम काम कर कर भूल जाते हैं

    ये मत पूछो कि कब सुधरेंगे हम तुम को ख़बर है ना
    सुधरते हैं मुसलसल हम सुधर कर भूल जाते हैं

    बड़े मजनू बड़ी लैला उमर को जानते तो है
    हैं ऐसा भी कि बालों को कलर कर भूल जाते हैं

    तुम्हारे साथ में जीना हुआ मर मर के गर जीना
    तो समझो बोझ को सब दर-गुज़र कर भूल जाते हैं

    कहेंगे सब भला मुझ को अजी है देर मरने की
    सभी यारो को ज़िंदा है ख़बर कर भूल जाते है

    सभी जन्नत से आए हैं जहाँ जन्नत बनाने को
    मगर 'आफ़त' है ये सारे उतर कर भूल जाते हैं
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    इश्क़ करने का अजी तुम में हुनर है ही नहीं
    इश्क़ कैसा जो उधर है और इधर है ही नहीं

    छोड़ कर उन को कहाँ जाएँगे इतनी रात में
    रह गुज़र हम से ख़फ़ा है और घर है ही नहीं

    क्या करेंगे इश्क़ कर के घर में सौ सौ काम हैं
    इश्क़ का क़िस्सा कहीं भी मुख़्तसर है ही नहीं

    नाती पोते हो चुके हैं उन के भी और मेरे भी
    दिल लगाने की हमारी अब उमर है ही नहीं

    चाँद तारे सब नज़ारे जिस के आगे कुछ नहीं
    पर करें क्या हम जिधर हैं वो उधर है ही नहीं

    रो पड़े थे आप क्यूँ जब वो किसी के साथ थी
    रोना ही क्यूँ जब के दिल में कुछ अगर है ही नहीं

    इश्क़ का क़िस्सा खुला घर पर सटाके वो पड़े
    रंग बदले खाल के असली कलर है ही नहीं

    देने वाले ने दिए है ज़िंदगी के चार दिन
    इश्क़ जिस

    में ता-सहर है उम्र भर है ही नहीं
    आप को ही हो मुबारक आप का ये मशवरा

    बा-हुनर है बा-असर है कार-गर है ही नहीं
    जिन का होना या न होना एक जैसी बात है

    उन की भी है ये शिकायत के कदर है ही नहीं
    उस ने पूछा मेरी ख़ातिर यार को छोड़ोगे तुम

    हम सफ़र गर हम नहीं तो रह गुज़र है ही नहीं
    यार हम से जो करा ले उन को हक हम ने दिया

    यारियाँ वो है जहाँ लेकिन मगर है ही नहीं
    आप का अहसान ठहरा आप पे भी मुझ पे भी

    आप मेरे हो चुके मुझ को ख़बर है ही नहीं
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    जहाँ के देख कर जाहिल मेरा दिल बैठ जाता है
    न हो ये ज़ीस्त का हासिल मेरा दिल बैठ जाता है

    मैं बदले में मोहब्बत के क़यामत से भी लड़ जाऊँ
    मोहब्बत काम है मुश्किल मेरा दिल बैठ जाता है

    फ़क़त तू यार है इस बात पे दिल को मनाया है
    तू ऐसे तो गले मत मिल मेरा दिल बैठ जाता है

    तेरे घर से निकलने को खड़ा होता हूँ सौ सौ बार
    बड़ा जिद्दी है मेरा दिल मेरा दिल बैठ जाता है

    समझ आता नहीं मैं बिन तेरे जी पाऊँगा कैसे
    तेरा घुटना भी जाए छिल मेरा दिल बैठ जाता है
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    खुली आँखों से सपने देखते हैं
    हक़ीक़त में वहम को घोलते हैं

    हमारे झूठ की क़ीमत बहुत है
    न जाने किस लिए सच बोलते हैं

    मोहब्बत से हमें इनकार कब है
    मगर वो सैलरी भी पूछते हैं

    हमारे कल से भी घबरा रहे हैं
    हमारा रास्ता भी रोकते है

    किसी मिसरे से हम को छेड़ कर के
    ग़ज़ल सो जाती है हम जागते हैं

    शराफ़त उन पे अब भी सज रही है
    अजी वो खेल अच्छा खेलते हैं

    तुझे दिन-रात रो कर क्या मिलेगा
    न पूछो शे'र कैसे सूझते हैं

    बड़े है ख़ौफ़ में ये मेरे कद से
    वही काग़ज़ से जो कद नापते हैं

    तमन्नाओं की कीमत गिर पड़ी है
    नुमाइश है बदन अब जानते हैं

    न होना इश्क़ में कितना भला है
    चलो होने के ख़तरे देखते है

    भला होना हक़ीक़त में बुरा है
    फ़क़त इतना बुरा हम मानते हैं

    किसी के पैर की बेड़ी रहे थे
    वही अब आगे पीछे डोलते हैं
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    अगरचे इश्क़ में मजनू बड़े बदनाम होते हैं
    अगरचे क़ैस जैसे आशिक़ों के नाम होते हैं

    भटक सकती नहीं जंगल में लैला चाह कर के भी
    अजी लैला को घर में दूसरे भी काम होते हैं
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    जब सही शा'इरी से मिलते हैं
    एक मंज़र कशी से मिलते हैं

    अपना पेशा है रोज़ मिलने का
    रोज़ नेकी बदी से मिलते हैं

    उस ने ऐसे सलाम भेजे हैं
    जो हमें अजनबी से मिलते हैं

    और वो हम से ही नहीं मिलते
    यार वो हर किसी से मिलते हैं

    अब ख़ुदाओं से तर्क कर के सब
    आइए आदमी से मिलते हैं

    हम बड़े लोग हो नहीं सकते
    हम सभी से सही से मिलते हैं

    रोज़ दफ्तर भले नहीं जाते
    पर तुझे हाज़िरी से मिलते हैं

    जब जहाँ जाए रौशनी कर दे
    जबकि वो सादगी से मिलते हैं

    खूब मिलते हैं बंद पलकों से
    और बेचेहरगी से मिलते हैं

    आप तन्हाइयों में मिलिएगा
    आप तिश्ना लबी से मिलते है

    रंग सारे जो काइ‌नात के है
    आप की ओढ़नी से मिलते हैं

    हम उसे भेज भी नहीं पाए
    आज ख़त डाइरी से मिलते है

    जब से ये आ गया है क़ातिल पर
    ले के दिल हम छुरी से मिलते है

    है वो रूठा तो उस को जाने दे
    हम से मिल हम ख़ुशी से मिलते है
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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    पहले ख़ुद अपनी रफ्तार गिरा कर देखें
    फिर हम से कहना मेआर गिरा कर देखें

    कांच के जैसे थाम रखा है तुझ को मैं ने
    जीना लगता है दुश्वार, गिरा कर देखें

    अपनी मस्जिद तोड़ें अपने मंदिर तोड़ें
    दुनिया के हक़ में औज़ार गिरा कर देखें

    तुम नज़रों से गिरना मत उठ ना पाओगे
    ना माने तो बरखुरदार गिरा कर देखें

    इन सब को ये क़ैद मुबारक हो दुनिया की
    इन के जिम्में ये दीवार गिरा कर देखें

    दीमक का घर कैसे गिरकर बन जाता है
    तोड़ के देखें या सरकार गिरा कर देखें

    दुनिया भर को पागल करने वाले है ये
    दिलवालो के ये सरदार गिरा कर देखें

    पायल की छन छन सी मीठी बातें 'आफ़त'
    गर जो सुननी हो झंकार गिरा कर देखें
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    Gagan Bajad 'Aafat'
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