pahle KHud apni raftaar giraa kar dekhen | पहले ख़ुद अपनी रफ्तार गिरा कर देखें

  - Gagan Bajad 'Aafat'

पहले ख़ुद अपनी रफ्तार गिरा कर देखें
फिर हम सेे कहना मेआर गिरा कर देखें

कांच के जैसे थाम रखा है तुझको मैंने
जीना लगता है दुश्वार, गिरा कर देखें

अपनी मस्जिद तोड़ें अपने मंदिर तोड़ें
दुनिया के हक़ में औज़ार गिराकर देखें

तुम नज़रों से गिरना मत उठ ना पाओगे
ना माने तो बरखुरदार गिरा कर देखें

इन सबको ये क़ैद मुबारक हो दुनिया की
इनके जिम्में ये दीवार गिराकर देखें

दीमक का घर कैसे गिरकर बन जाता है
तोड़ के देखें या सरकार गिरा कर देखें

दुनिया भर को पागल करने वाले है ये
दिलवालो के ये सरदार गिरा कर देखें

पायल की छन छन सी मीठी बातें 'आफत'
गर जो सुननी हो झंकार गिरा कर देखें

  - Gagan Bajad 'Aafat'

Political Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Gagan Bajad 'Aafat'

As you were reading Shayari by Gagan Bajad 'Aafat'

Similar Writers

our suggestion based on Gagan Bajad 'Aafat'

Similar Moods

As you were reading Political Shayari Shayari