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Hafeez Hoshiarpuri

Top 10 of Hafeez Hoshiarpuri

Hafeez Hoshiarpuri

Top 10 of Hafeez Hoshiarpuri

    नर्गिस पे तो इल्ज़ाम लगा बे-बसरी का
    अरबाब-ए-गुलिस्ताँ पे नहीं कम-नज़री का

    तौफ़ीक़-ए-रिफ़ाक़त नहीं उन को सर-ए-मंज़िल
    रस्ते में जिन्हें पास रहा हम-सफ़री का

    अब ख़ानका ओ मदरसा ओ मय-कदा हैं एक
    इक सिलसिला है क़ाफ़िला-ए-बे-ख़बरी का

    हर नक़्श है आईना-ए-नैरंग-ए-तमाशा
    दुनिया है कि हासिल मिरी हैराँ-नज़री का

    अब फ़र्श से ता-अर्श ज़बूँ-हाल है फ़ितरत
    इक म'अरका दर-पेश है अज़्म-ए-बशरी का

    कब मिलती है ये दौलत-ए-बेदार किसी को
    और मैं हूँ कि रोना है इसी दीदा-वरी का

    बे-वासता-ए-इश्क़ भी रंग-ए-रुख़-ए-परवेज़
    उनवान है फ़रहाद की ख़ूनीं-जिगरी का

    आख़िर तिरे दर पे मुझे ले आई मोहब्बत
    देखा न गया हाल मिरी दर-बदरी का

    दिल में हो फ़क़त तुम ही तुम आँखों पे न जाओ
    आँखों को तो है रोग परेशाँ-नज़री का

    बे-पैरवी-ए-'मीर' 'हफ़ीज़' अपनी रविश है
    हम पर कोई इल्ज़ाम नहीं कम-हुनरी का
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    लफ़्ज़ अभी ईजाद होंगे हर ज़रूरत के लिए
    शरह-ए-राहत के लिए ग़म की सराहत के लिए

    अब मिरा चुप-चाप रहना अम्र-ए-मजबूरी सही
    मैं ने खोली ही ज़बाँ कब थी शिकायत के लिए

    मेरे चश्म-ओ-गोश-ओ-लब से पूछ लो सब कुछ यहीं
    मुझ को मेरे सामने लाओ शहादत के लिए

    सख़्त-कोशी सख़्त-जानी की तरफ़ लाई मुझे
    मुझ को ये फ़ुर्सत ग़नीमत है अलालत के लिए

    ऑक्सीजन से शबिस्तान-ए-अनासिर ताबनाक
    मुज़्तरिब हर ज़ी-नफ़स उस की रिफ़ाक़त के लिए

    मर गए कुछ लोग जीने का मुदावा सोच कर
    और कुछ जीते रहे जीने की आदत के लिए

    आह मर्ग-ए-आदमी पर आदमी रोए बहुत
    कोई भी रोया न मर्ग-ए-आदमियत के लिए

    कोई मौक़ा ज़िंदगी का आख़िरी मौक़ा नहीं
    इस क़दर ताजील क्यूँ रफ़-ए-कुदूरत के लिए

    इस्तक़ामत ऐ मिरे दैर-आश्ना-ए-ग़म-गुसार
    एक आँसू है बहुत हुस्न-ए-नदामत के लिए

    कोई 'नासिर' की ग़ज़ल कोई ज़फ़र की मय-तरंग
    चाहिए कुछ तो मिरी शाम-ए-अयादत के लिए

    गुलशन-आबाद-ए-जहाँ में सूरत-ए-शबनम 'हफ़ीज़'
    हम अगर रोए भी तो रोने की फ़ुर्सत के लिए
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    न पूछ क्यूँ मिरी आँखों में आ गए आँसू
    जो तेरे दिल में है उस बात पर नहीं आए

    वफ़ा-ए-अहद है ये पा-शिकस्तगी तो नहीं
    ठहर गया कि मिरे हम-सफ़र नहीं आए

    न छेड़ उन को ख़ुदा के लिए कि अहल-ए-वफ़ा
    भटक गए हैं तो फिर राह पर नहीं आए

    अभी अभी वो गए हैं मगर ये आलम है
    बहुत दिनों से वो जैसे नज़र नहीं आए

    कहीं ये तर्क-ए-मोहब्बत की इब्तिदा तो नहीं
    वो मुझ को याद कभी इस क़दर नहीं आए

    अजीब मंज़िल-ए-दिलकश अदम की मंज़िल है
    मुसाफ़िरान-ए-अदम लौट कर नहीं आए

    हफ़ीज़ कब उन्हें देखा नहीं ब-रंग-ए-दिगर
    'हफ़ीज़' कब वो ब-रंग-ए-दिगर नहीं आए
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    कुछ इस तरह से नज़र से गुज़र गया कोई
    कि दिल को ग़म का सज़ा-वार कर गया कोई

    दिल-ए-सितम-ज़दा को जैसे कुछ हुआ ही नहीं
    ख़ुद अपने हुस्न से यूँ बे-ख़बर गया कोई

    वो एक जल्वा-ए-सद-रंग इक हुजूम-ए-बहार
    न जाने कौन था जाने किधर गया कोई

    नज़र कि तिश्ना-ए-दीदार थी रही महरूम
    नज़र उठाई तो दिल में उतर गया कोई

    निगाह-ए-शौक़ की महरूमियों से ना-वाक़िफ़
    निगाह-ए-शौक़ पे इल्ज़ाम धर गया कोई

    अब उन के हुस्न में हुस्न-ए-नज़र भी शामिल है
    कुछ और मेरी नज़र से सँवर गया कोई

    किसी के पाँव की आहट कि दिल की धड़कन थी
    हज़ार बार उठा सू-ए-दर गया कोई

    नसीब-ए-अहल-ए-वफ़ा ये सुकून-ए-दिल तो न था
    ज़रूर नाला-ए-दिल बे-असर गया कोई

    उठा फिर आज मिरे दिल में रश्क का तूफ़ाँ
    फिर उन की राह से बा-चश्म-ए-तर गया कोई

    ये कह के याद करेंगे 'हफ़ीज़' दोस्त मुझे
    वफ़ा की रस्म को पाइंदा कर गया कोई
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    रौशनी सी कभी कभी दिल में
    मंज़िल-ए-बे-निशाँ से आती है

    लौट कर नूर की किरन जैसे
    सफ़र-ए-ला-मकाँ से आती है

    नौ-ए-इंसाँ है गोश-बर-आवाज़
    क्या ख़बर किस जहाँ से आती है

    अपनी फ़रियाद बाज़गश्त न हो
    इक सदा आसमाँ से आती है

    तख़्ता-ए-दार है कि तख़्ता-ए-गुल
    बू-ए-ख़ूँ गुलिस्ताँ से आती है

    दिल से आती है बात लब पे 'हफ़ीज़'
    बात दिल में कहाँ से आती है
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    ऐसी भी क्या जल्दी प्यारे जाने मिलें फिर या न मिलें हम
    कौन कहेगा फिर ये फ़साना बैठ भी जाओ सुन लो कोई दम

    वस्ल की शीरीनी में पिन्हाँ हिज्र की तल्ख़ी भी है कम कम
    तुम से मिलने की भी ख़ुशी है तुम से जुदा होने का भी ग़म

    हुस्न-ओ-इश्क़ जुदा होते हैं जाने क्या तूफ़ान उठेगा
    हुस्न की आँखें भी हैं पुर-नम इश्क़ की आँखें भी हैं पुर-नम

    मेरी वफ़ा तो नादानी थी तुम ने मगर ये क्या ठानी थी
    काश न करते मुझ से मोहब्बत काश न होता दिल का ये आलम

    परवाने की ख़ाक परेशाँ शम्अ'' की लौ भी लर्ज़ां लर्ज़ां
    महफ़िल की महफ़िल है वीराँ कौन करे अब किस का मातम

    कुछ भी हो पर इन आँखों ने अक्सर ये आलम भी देखा इश्क़ की दुनिया नाज़-ए-सरापा हुस्न की दुनिया इज्ज़-ए-मुजस्सम

    शहद-शिकन होंटों की लर्ज़िश इशरत बाक़ी का गहवारा
    दायरा-ए-इम्कान-ए-तमन्ना नर्म लचकती बाँहों के ख़म

    अपने अपने दिल के हाथों दोनों ही बर्बाद हुए हैं
    मैं हूँ और वफ़ा का रोना वो हैं और जफ़ा का मातम

    नाकामी सी नाकामी है महरूमी सी महरूमी है
    दिल का मनाना सई-ए-मुसलसल उन को भुलाना कोशिश-ए-पैहम

    अहद-ए-वफ़ा है और भी मोहकम तेरी जुदाई के मैं क़ुर्बां
    तेरी जुदाई के मैं क़ुर्बां अहद-ए-वफ़ा है और भी मोहकम
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    आज उन्हें कुछ इस तरह जी खोल कर देखा किए
    एक ही लम्हे में जैसे उम्र-भर देखा किए

    दिल अगर बेताब है दिल का मुक़द्दर है यही
    जिस क़दर थी हम को तौफ़ीक़-ए-नज़र देखा किए

    ख़ुद-फ़रोशाना अदा थी मेरी सूरत देखना
    अपने ही जल्वे ब-अंदाज़-ए-दिगर देखा किए

    ना-शनास-ए-ग़म फ़क़त दाद-ए-हुनर देते रहे
    हम मता-ए-ग़म को रुस्वा-ए-हुनर देखा किए

    देखने का अब ये आलम है कोई हो या न हो
    हम जिधर देखा किए पहरों उधर देखा किए

    हुस्न को देखा है मैं ने हुस्न की ख़ातिर 'हफ़ीज़'
    वर्ना सब अपना ही मेयार-ए-नज़र देखा किए
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    तमाम उम्र तिरा इंतिज़ार हम ने किया
    इस इंतिज़ार में किस किस से प्यार हम ने किया

    तलाश-ए-दोस्त को इक उम्र चाहिए ऐ दोस्त
    कि एक उम्र तिरा इंतिज़ार हम ने किया

    तेरे ख़याल में दिल शादमाँ रहा बरसों
    तिरे हुज़ूर उसे सोगवार हम ने किया

    ये तिश्नगी है के उन से क़रीब रह कर भी
    'हफ़ीज़' याद उन्हें बार बार हम ने किया
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    Hafeez Hoshiarpuri
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    दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त
    दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से
    Hafeez Hoshiarpuri
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    मोहब्बत करने वाले कम न होंगे
    तिरी महफ़िल में लेकिन हम न होंगे
    Hafeez Hoshiarpuri
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Farhat Abbas ShahFarhat Abbas ShahIbrahim AshkIbrahim AshkYagana ChangeziYagana ChangeziAmeer QazalbashAmeer QazalbashQateel ShifaiQateel ShifaiTajdeed QaiserTajdeed QaiserIdris BabarIdris BabarSahir LudhianviSahir LudhianviYasmeen HameedYasmeen HameedNadeem BhabhaNadeem Bhabha