हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
REHAN KHAN
GHAZAL
जो लोग धूप में थे वो शजर में आ बैठे
हवा बदलते ही कितने हुनर में आ बैठे
REHAN KHAN
10
SHER
मिरे ख़िलाफ़ अँधेरों की फ़ौज निकली थी
मैं अपने घर का अकेला चराग़ काफ़ी था
REHAN KHAN
9
GHAZAL
कुछ ऐसे क़त्ल वो पूरी क़तार करता है
उठा के नज़रें वो तीरों सा वार करता है
REHAN KHAN
8
GHAZAL
मोहब्बतों की फ़क़त बात के सिवा कुछ भी
नहीं नसीब में जज़्बात के सिवा कुछ भी
REHAN KHAN
7
SHER
ख़रीदेगा कोई क्या मेरे इन ख़्वाबों को पैसों से
दुकानें बंद हैं सब की मिरा बाज़ार ज़िंदा है
REHAN KHAN
6
SHER
दौलत की रेल-पेल में अंधा नहीं हुआ
माँ-बाप के क़दम ही मिरी सल्तनत रहे
REHAN KHAN
5
GHAZAL
उल्फ़त न सही दिल को जलाने के लिए आ
आ फिर से मिरा नफ़्स मिटाने के लिए आ
REHAN KHAN
4
GHAZAL
मैं मुश्किलों की कलाई मरोड़ आया हूँ
तमाम झूठ के रिश्तों को तोड़ आया हूँ
REHAN KHAN
3
GHAZAL
तुझ को सोचूँ तो जहाँ मिस्ल-ए-धुआँ हो जाए
जैसे ग़ालिब यूँ ख़यालों पे गुमाँ हो जाए
REHAN KHAN
2
GHAZAL
ज़िंदगी एक ख़्वाब की सी है
हिज्र की शब अज़ाब की सी है
REHAN KHAN
1
Aditya Singh aadi
Govind kumar
Paras Angral
Naved sahil
ADITYA TIWARI
Anurag Pandey
Abha sethi
umar udas
Sanskar Shrivastav
Shiva awasthi