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@sourabhsokhta
sourabh meena shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in sourabh meena's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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आँसुओं को क़ैद रक्खा ग़म ग़ज़ल में बाँधकरग़म नए मिलते रहे और ये हुनर चलता रहा
दिल मिरा वो घर है सौरभ ख़ुदकुशी जिस में हुईकम किराए पर भी इसमें कौन रहने आएगा
ख़ुद पर ही हँसने लगता हूँ ये बात सोचकर,कितना किसी के वास्ते रोता रहा हूँ मैं
ग़म के ख़ज़ाने से ज़रा मलबा उठाकर देखधोखा दिया जिसने वो कितना ख़ूबसूरत था
भर गए है गाल के गड्ढे भी मेरेआँख से इतनी हुई बरसात इक दिन
मेरी ये बात मत कहना किसी सेये कहकर बात सब से कह रहा हूँ