Salma Malik

Top 10 of Salma Malik

    क्या खोया क्या पाया हमने
    यूँ ही वक़्त गँवाया हमने

    ज़ेहन-ओ-दिल का साया हमने
    शायद कमतर पाया हमने

    दौलत शोहरत ख़ूब कमाई
    लेकिन ख़ाक कमाया हमने

    नज़्में लिक्खी ग़ज़लें गाई
    दिल को यूँ बहलाया हमने

    झूठी क़समें गीता की लीं,
    कितना पाप कमाया हमने

    ख़ुशियों की ख़ातिर तड़पे हम
    ग़म को रोज़ गँवाया हमने

    जंग हुई ख़ुद की 'सलमा' से
    ज़ुल्म ख़ुदी पर ढ़ाया हमने
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    मिरे बाद मेरी कहानी रहेगी
    तुझे याद मेरी निशानी रहेगी

    भुला देंगी दुनिया ये किस्से-कहानी
    मिरी तो मगर मुँह ज़बानी रहेगी

    रहेगा जहाँ में वो नाम-ए-ख़ुदा भी
    ख़ुदा की तो हर इक निशानी रहेगी

    तिरी प्यास को ये समंदर भी होगा
    मगर लब पे तिश्ना-दहानी रहेगी

    अना किस लिए है,सभी कुछ हैं फ़ानी
    भला क्या तिरी ज़िन्दगानी रहेगी

    भले रोक लो आज 'सलमा' के रस्ते
    मैं दरिया हूँ मेरी रवानी रहेगी
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    ख़ुदा ने भी क्या ख़ूब ही ये खुदाई बनाई,
    उठाकर इसी ख़ाक से ख़ाक में ही मिलाई
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    ये नहीं मंज़िल फ़क़त इक रास्ता है
    ज़िन्दगी ग़म के सिवाए और क्या है

    शौक़ कहते है जिसे कुछ भी नहीं है
    ये किताबत तो ग़म-ए-दिल का पता है

    ज़िन्दगी को भी है तुमसे कुछ शिकायत
    बस तुम्हें ही तो नहीं इससे गिला है

    फ़ायदा नुक़सान इसमें तो न देखो
    ये मोहब्बत है, न कोई मशग़ला है

    आरज़ू थी ख़्वाहिशें हो सब मुक़म्मल
    अब मगर हर एक ख़्वाहिश आबला है

    ख़ून से लिखते हैं हर इक शेर अपना
    शायरी ये शायरों का मोजिज़ा है

    है रदीफ़-ओ-काफ़िए 'सलमा' ज़रूरी
    हर ग़ज़ल इनके बिना तो बे-मज़ा है
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    दुख तो बहुत है तेरे जाने का मगर,
    तू लौट के आए ये ख़्वाहिश भी नहीं
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    जो पहले थीं, वो अब नहीं हूँ मैं,
    जो अब हूँ, वो पहले नहीं थीं मैं
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    "हम तुम"
    हम हम नहीं,
    तुम तुम नहीं,
    इक हो गए,
    अब दो नहीं।

    ये भी हुआ,
    वो भी हुआ,
    जो हो गया,
    तो रो नहीं।

    हाँ सख़्त है,
    पर वक़्त है,
    अब जाग जा
    अब सो नहीं


    सब छिन गया,
    सब लुट गया,
    पर जो बचा,
    तू खो नहीं
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    हर चोट खाया शायरी तो करता है
    हर चोट खाया तो मगर शायर नहीं
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    अच्छी लगती हैं किताबें कातिबों को
    और लिखना है महज़ इक शौक़ उनका
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    तुम किस कदर अपनी अना में फिरते हो
    हम किस कदर तुम पर गुमाँ करते रहे
    Salma Malik
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