मिरे बा'द मेरी कहानी रहेगी
तुझे याद मेरी निशानी रहेगी
भुला देंगी दुनिया ये किस्से-कहानी
मिरी तो मगर मुँह ज़बानी रहेगी
रहेगा जहाँ में वो नाम-ए-ख़ुदा भी
ख़ुदा की तो हर इक निशानी रहेगी
तिरी प्यास को ये समुंदर भी होगा
मगर लब पे तिश्ना-दहानी रहेगी
अना किस लिए है,सभी कुछ हैं फ़ानी
भला क्या तिरी ज़िन्दगानी रहेगी
भले रोक लो आज 'सलमा' के रस्ते
मैं दरिया हूँ मेरी रवानी रहेगी
— Salma Malik















