हिज्र का गीत गुनगुनाती है
एक लड़की बहुत सताती है
पास रहना भी क्या मुसीबत है
दूर जाने पे मौत आती है
बात करती है सैकड़ों से पर
सिर्फ़ मुझ को ही क्यूँ रुलाती है
कैसे कैसों से दोस्ती है तेरी
कैसे कैसों को मुँह लगाती है
— Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
एक लड़की बहुत सताती है
पास रहना भी क्या मुसीबत है
दूर जाने पे मौत आती है
बात करती है सैकड़ों से पर
सिर्फ़ मुझ को ही क्यूँ रुलाती है
कैसे कैसों से दोस्ती है तेरी
कैसे कैसों को मुँह लगाती है
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