humeen ko yaad karte ham humeen ko bhool jaate ham | हमीं को याद करते हम हमीं को भूल जाते हम

  - Ajay Choubey

हमीं को याद करते हम हमीं को भूल जाते हम
पता अंजाम होता जो नहीं ख़ुद को सताते हम

मुहब्बत दी ज़माने को मुहब्बत के लिए तरसे
अगर होता यही मुमकिन गले ख़ुद को लगाते हम

हमारे आँसुओं से फ़र्क जो पड़ता अगर तुझको
लगे हैं घाव जो दिल पर तुझे फिर वो गिनाते हम

बहुत रोया करे हम भी मुहब्बत में तिरी जानाँ
मुहब्बत जो नहीं होती तुझे भी फिर रुलाते हम

अगर था तोड़ना दिल को इशारा तो किया होता
तुझे फिर बे-वफ़ाई का नया रस्ता बताते हम

  - Ajay Choubey

Promise Shayari

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