"वापसी"
मैं सफ़र में हूँ
और लौट जाना चाहता हूँ
अब उन ख़्वाबों को पूरा नहीं करना
जिन्हें आँखों में रख कर
मैं इस शहर तक आया था
मैं वापसी चाहता हूँ
इस सफ़र में
मैं थोड़ा थोड़ा ज़ाया हो रहा हूँ
खुद से दूर होता जा रहा हूँ
मैं भूलने लगा हूँ
घर का रास्ता
रिश्तों की गरमाहट
अपना वजूद
अपने लोगों के नाम
मैं वापसी चाहता हूँ
मैं लौट जाना चाहता हूँ
उस जगह
जहाँ मैं
बिना वजह हँस लेता था
खुल कर रो लेता था
सुकून से सो जाता था
और जीने की इच्छा
हर सुबह फिर लौट आती थी
जहाँ लोगों से मिलना
एक बोझ नहीं
ज़रूरत थी
मैं वापसी चाहता हूँ
— Amaan Ali















