आज़माकर देख लो मैं ने कहा है इश्क़ मेरा
झूम जाओगे ये इक चढ़ता नशा है इश्क़ मेरा
एक पत्थर को तराशा प्यार से मूरत बनाई
लोग उस को पूजते हैं ये कला है इश्क़ मेरा
यार सुनने में अभी आया कि शादी तय हुई है
बीच में ही अब अधूरा रह गया है इश्क़ मेरा
यार वो वादे इरादे कुछ नहीं माने हैं पापा
कॉल पर बोली अधूरा ही रहा है इश्क़ मेरा
— Prashant Arahat















