जब से तुम ने कहा ख़ुदा हाफ़िज़
सब बदलता गया ख़ुदा हाफ़िज़
बात करने को जो मैं आई थी
कर दिया अनसुना ख़ुदा हाफ़िज़
जान तेरी थी उस की आँखों में
तुम ने आँसू दिया ख़ुदा हाफ़िज़
और कितनी दफ़ा करूँ साबित
दिल में तू ही रहा ख़ुदा हाफ़िज़
आ गई हूँ मैं रहने तेरे घर
कितना भी अब तू गा ख़ुदा हाफ़िज़
आज भी जाने का तिरा डर है
आज फिर से ख़ला ख़ुदा हाफ़िज़
चाहे कर ले जुदा मुझे लेकिन
तू रहेगा मिरा ख़ुदा हाफ़िज़
— Bhoomi Srivastava















