मेरे होंठों पे उस के नाम का हर पल तराना हैवो दीवाना समझता है वही केवल दिवाना हैउसे मैं, मुझ को वो सारी कमी के साथ है मंज़ूरमुहब्बत के दयारों में यही अपना फ़साना है— Bhoomi Srivastava