मैं रोया भी दिल टूटने पर दुखा भीमुझे चाहिए अब दवा भी दुआ भीमैं फिर भी बड़े बूढ़ों की राय लूँगापता वैसे है आख़िरी रास्ता भीचराग़ों में माना बहुत हौसला हैहै मग़रूर थोड़ी बहुत तो हवा भीमुझे उस से मुँह फेरना भी है लेकिनउसे आख़िरी बार है देखना भी— Divyanshu Tiwari SAHIL