जब से तू भी मेरे पास नहीं है दोस्त
ज़िन्दा होने का एहसास नहीं है दोस्त
जिसको अपने दिल का हाल सुनाऊँ मैं
कोई मेरा इतना ख़ास नहीं है दोस्त
दिल इकलौती ऐसी दुनिया है जिस
में
कोई राजा कोई दास नहीं है दोस्त
भूखा भटक रहा है राणा सदियों से
अब जंगल में कोई घास नहीं है दोस्त
लछमन सीता और कई लोगों का दुख
केवल राम का ही बनवास नहीं है दोस्त
थोड़ा-थोड़ा करके जाम बना साक़ी
बोतल भर की मेरी प्यास नहीं है दोस्त
छोड़ मेरा मुँह मत खुलवा अब जाने दे
तेरा नंबर किसके पास नहीं है दोस्त
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