यूँँ तो तिरे इस शहर में बीमार बहुत है
मरने के लिए तो तेरा इनकार बहुत है
जो शहर बसाने को मुहब्बत लगी होगी
वो शहर जलाने को तो अख़बार बहुत है
बोसे वो तो देती रही कुछ हम भी न बोले
हम को तो मिरी जान ये दरकार बहुत है
— Gulfam Ajmeri
मरने के लिए तो तेरा इनकार बहुत है
जो शहर बसाने को मुहब्बत लगी होगी
वो शहर जलाने को तो अख़बार बहुत है
बोसे वो तो देती रही कुछ हम भी न बोले
हम को तो मिरी जान ये दरकार बहुत है
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