Gulfam Ajmeri

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@Gulfamalikhan

Gulfam Ali Khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Gulfam Ali Khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब तो मैं भी हर मरासिम को भुला सकता हूँ दोस्त गर यक़ीं आता नहीं दिल से उतर के देख ले — Gulfam Ajmeri
वो घुट के रह गई घूँघट की आड़ में वो कह न पाई कि लड़का नहीं पसंद — Gulfam Ajmeri
जुस्तुजू भी न रही और न कोई निस्बत अब तो हालात के मारे भी नहीं आएँगे — Gulfam Ajmeri
ऐसा न हो मुझ पर तरस खा जाए तू आँखों का क्या आँखें तो बहती रहती है — Gulfam Ajmeri
गिला कुछ भी नहीं है मौत से मुझ को पर ख़ुदा लेने अगर आया तो जाऊँगा मैं — Gulfam Ajmeri
जब हाथ उस का पकड़ा तो कहने लगी मेरी सुनो शादी से पहले कुछ नहीं — Gulfam Ajmeri
वैसे इस का तो इरादा भी नहीं जीने का अब फिर भी चारा-गर कोई कोशिश ही कर के देख ले — Gulfam Ajmeri
अजब अंदाज़ से ये घर गिरा है मिरा मलबा मिरे ऊपर गिरा है — Gulfam Ajmeri
क्या अब यही है सच कि मुहब्बत नहीं रही मतलब यही के तुम को भी हसरत नहीं रही कल रात तुम ने हम को निकाला जो बज़्म से यारों में बात क्या रहे इज़्ज़त नहीं रही जिस जिस भी कूचे में गए खाए हैं ज़ख़्म ही अब और दिल लगाने की हसरत नहीं रही तन्हाई भी है दर्द भी है तेरा ग़म भी है अब मेरे कमरे में कोई ख़ल्वत नहीं रही अब तो सितम ये है के सितमगर ने कह दिया अब और सितम को तेरी ज़रूरत नहीं रही हम जिस के पहलू से चले आए हैं दश्त में वो दर नहीं रहा कि वो निस्बत नहीं रही बाज़ार-ए-इश्क़ में भी पुकारे गए मगर वो दिन नहीं रहे के वो क़ीमत नहीं रही — Gulfam Ajmeri
तुझ से मिलें बातें करें सो आ बैठे हम और इरादे से नहीं आए हैं — Gulfam Ajmeri
बस वो दीया जलाने को सोचें और जंगल में आग लग जाए — Gulfam Ajmeri
सब पूछते हैं इस उदासी का सबब रो देते हैं लेकिन उगलते कुछ नहीं — Gulfam Ajmeri

Ghazal