सब सेे बढ़कर तुम्हें वफ़ा देते
दिल दिया जान भी लुटा देते
मान रख लेते अपनी क़समों का
साथ ये उम्र भर निभा देते
एक दूजे को बद-दुआ की जगह
अच्छा होता जो हम दुआ देते
दरमियाँ तीसरे को ले आए
इस से अच्छा था ज़हर ला देते
दी मुकम्मल न तुम ने दिल में जगह
तुम जगह ज़िंदगी में क्या देते
ख़ुश है वो तुम को भूल कर 'नासिर'
काश तुम भी उसे भुला देते
— Nasir Hayaat















