जाने किस बात की वो लड़का सज़ा देता हैमेरे सारे लिखे अश'आर मिटा देता हैमेरे तहरीर किए ख़त मिले भी तो कैसेमेरे भेजे वो कबूतर तो उड़ा देता है— Kiran bhargav04