Kiran bhargav04

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@Kkwrites04

Kiran bhargav shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kiran bhargav's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
सारे कपूत निकले जो मन्नतों में मांगे
बेटों की चाह वाले मबहूत हो गए हैं
Kiran bhargav04
शायरी का ये हुनर देने का मुझ को शुक्रिया
साथ में अंदाज़ अब कुछ सूफियाना चाहिए
Kiran bhargav04
नदी, वो कूद कर जिस में किसी ने ख़ुदकुशी कर ली
परेशाँ है वो क़ातिल बन के जो पानी पिलाती है
Kiran bhargav04
चाहे कोई रत-जगा हो या कोई ख़ातून हो
दोनो की बस एक चाहत उन को सोना चाहिए
Kiran bhargav04
रात ने मुझ को डराया देर तक
पास माँ को फिर बिठाया देर तक
Kiran bhargav04
सब मुझे ही बस बुरा कहने लगे
आज फिर इक सच सुनाया देर तक
Kiran bhargav04
लड़ाकर हरे को वो भगवे से देखो
जफर अब कबूतर उड़ाने लगा है
Kiran bhargav04
मुझे अक्सर ग़ज़ल कोई यूँ रातों को जगाती है
मेरे तुम हो नहीं सकते गले लग के बताती है
Kiran bhargav04
जाने किस बात की वो लड़का सज़ा देता है
मेरे सारे लिखे अशआर मिटा देता है

मेरे तहरीर किए ख़त मिले भी तो कैसे
मेरे भेजे वो कबूतर तो उड़ा देता है
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Kiran bhargav04