इश्क़ है जाने क्या क्या सिखा देता हैपहले लगता था पंखा हवा देता हैदूसरे इश्क़ से हम ने समझा यहीज़ख़्म मरहम से ख़ुद ही मिला देता है— Kuldeep Tripathi KD