poocha use kis baat ka hai gham vo boli kuchh nahin | पूछा उसे किस बात का है ग़म वो बोली कुछ नहीं

  - Divya 'Kumar Sahab'

पूछा उसे किस बात का है ग़म वो बोली कुछ नहीं
ये आज तेरे नैंन हैं क्यूँँ नम वो बोली कुछ नहीं

मैं दूर जो तुझ सेे हुआ नाता मेरा घाटा मेरा
धड़कन तेरी क्यूँँ हो रही मद्धम वो बोली कुछ नहीं

मुस्कान से उजला रहे महका रहे चेहरा तेरा
फिर तेरे छाई आज क्यूँँ शबनम वो बोली कुछ नहीं

जो बात है दिल में तेरे चल अब बता दे तू मुझे
क्या है तेरे इस घाव का मरहम वो बोली कुछ नहीं

फिर अपने सिर पर रख लिया उसने मेरा ये हाथ बस
फिर साथ ही बैठे रहे बस हम वो बोली कुछ नहीं

  - Divya 'Kumar Sahab'

Chehra Shayari

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