कभी तन्हाई में जानाँ तिरी ये आँख नम हों तो
मिरे फिर पास आ जाना अगर कोई भी ग़म हो तो
किसी की बात मत सुनना भटक जाओगे दुनिया में
हमारे पास आ जाना अगर कोई भरम हो तो
करो कितनी भी तुम कोशिश कि मुझ से दूर हो जाओ
मैं चाहूँगा तुम्हें पाऊँ दुबारा फिर जनम हो तो
— Manish Yadav















