हद दर्द की सब पार होने लगी
माँ जब कभी बीमार होने लगी
मुझपर हुकूमत तो किसी की नहीं
पर माँ मेरी सरकार होने लगी
मुझ सेे भले सब छीन ले ओ ख़ुदा
बस माँ मेरी दरकार होने लगी
अब अर्थ माँ का ही मोहब्बत बना
माँ मेरा पहला प्यार होने लगी
चारागरी मुझपर हुई फ़ेल जब
फिर माँ दवा हरबार होने लगी
हर बार मुझको माँ सुकूँ देती रही
बस माँ मेरा इतवार होने लगी
जब मुश्किलों में फँस गया था 'मनोज'
माँ मेरी फिर पतवार होने लगी
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