वो जिसको चाहेगा उसको पागल कर देगा
वो जादूगर सहरा में भी बादल कर देगा
क़ैद रखा इक दरिया उसने अपनी आँखों में
बाँध नहीं करता जो उसका काजल कर देगा
इस दुनिया में वो जिसको भी हॅंस कर देखेगा
उसको तो फिर पैदल से वो रायल कर देगा
उसको हाथों में बंदिश अच्छी नहीं लगती है
वो हाथों के कंगन को भी पायल कर देगा
भूले से भी उसको ग़ुस्से में दिख मत जाना
ग़ुस्से में सीधे रूहों को घायल कर देगा
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