जो हुआ सो हुआ बाक़ी कल सोचेंगेमिल कर इस मसले का हल सोचेंगेजिस रोज़ मैं दुनिया से चला जाऊँगाआप उस के बा'द मुसलसल सोचेंगे— Amaan mirza