कब फ़लक से टूट जाए इक सितारा नइँ पता
कब तलक है साथ ये मेरा तुम्हारा नइँ पता
हम निभा लेंगे न रिश्ता सात जन्मों तक ये जाँ
तुम पे तो हम को भरोसा है हमारा नइँ पता
जितने दिन हैं साथ ये इनको सॅंभाले रखना तुम
छोड़ कर कब यूँ चला जाए सहारा नइँ पता
— Mukesh Guniwal "MAhir"















