जब तलक ये हार मुझ को बोझ लगती हैसर रखी दस्तार मुझ को बोझ लगती हैबे-सबब जंग-ओ-जदल से थक चुका हूँ मैंअब मिरी तलवार मुझ को बोझ लगती है— Nikhil Tiwari 'Nazeel'