मैं ने ख़ुदको यूँँ इस क़ाबिल रक्खा हैकाँटो में ख़ुश्बू को शामिल रक्खा हैमानें नइँ होंगे शायद घर पे उस केबस इन बातों से मैं ने दिल रक्खा है— Pankaj murenvi