Pankaj murenvi

Pankaj murenvi

@Pankaj_murenvi

Pankaj murenvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Pankaj murenvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

उस के गालों को झुमके चूमते हैं मेरा हक़ कोई और खा रहा है — Pankaj murenvi
बात नहीं थी कुछ भी 'पंकज' जीने में फिर एक दिन मुहब्बत कर ली हम ने भी — Pankaj murenvi
नियम मुहब्बत में देखता रहा मैं और जब तक उस को गुलाब दे आया कोई — Pankaj murenvi
दिल भी यार हुआ करता था फूल कभी ये इस से भी महका करती थी ख़ुश्बू तेरी — Pankaj murenvi
जब से तार मुहब्बत के मैं ने बाँधे हैं तुम से पूरे जीवन की वीणा के सुर सारे है तुम से — Pankaj murenvi
शादी कर के छीन लिया घर मुझ मुफ़लिस का उस की बाँहें ही तो थी दर मुझ मुफ़लिस का — Pankaj murenvi
इक तुम ही तो थे अपना कहने को और तुम ने भी ये हक़ छीन लिया मुझ सेे — Pankaj murenvi
मैं कितना दूर था पहले मुहब्बत में तेरे नज़दीक आ कर सोचता हूँ ये — Pankaj murenvi
निगाह से यूँँ फेंको जाल मुहब्बत का ख़ुदको ही तुम मेरी यार तलब करदो — Pankaj murenvi
पाल रखा है इन आँखों ने भी एक ख़्वाब तुम से मिले हमें भी इस वेलेंटाइन डे गुलाब तुम से — Pankaj murenvi
हम ने देखा है दौर मुफ़लिसी का भी जब से हाथों से हाथ उस ने खींचा है — Pankaj murenvi
मैं भी रहता हूँ अब मुझ से खोया हुआ सा इक तूही नइँ है जो मुझ सेे जुदा हुआ था — Pankaj murenvi
मुझ को किताब ख़ाना घर में रखना है इक उस के देखी हैं हाथों में किताब जब से — Pankaj murenvi

Ghazal

Nazm

"बिन तेरे" बिन तेरे कुछ भी नहीं ज़िन्दगी मेरी आ दो पल पास बैठ मेरे ज़िन्दगी की घड़ी कर दे पूरी मुकम्मल न हुई ये ज़मीं न मुकम्मल ये आसमाँ हुआ अधूरा तेरे बिन सारा कारवाँ हुआ बिन तेरे कुछ भी नहीं ज़िन्दगी मेरी तेरे बिन ये बूंदे ये बारिश कुछ भी मेरा न हुआ बस जलता दिख रहा है तेरी यादों का धुआँ सोचता हूँ जब मैं लगता है जैसे कुछ न हुआ बिन तेरे कुछ भी नहीं ज़िन्दगी मेरी आ दो पल पास बैठ मेरे ज़िन्दगी की घड़ी कर दे पूरी आग लगी है जो मन में कैसे मैं किसी को बताऊँ क्यूँँ न तुझ को मैं चाहूँ कोई वजह तो मुझ को बताओ कड़कती बिजली अँधेरी शाम धीमी सी बारिश महीना सावन का लाया आज फिर कोई मेरी यादों में तेरे जैसा ही हू-ब-हू याद आया बिन तेरे कुछ भी नहीं ज़िन्दगी मेरी आ दो पल पास बैठ मेरे ज़िन्दगी की घड़ी कर दे पूरी — Pankaj murenvi