लोग थोड़ी सी ज़रूरत के लिए
वोट देते हैं मुसीबत के लिए
पूछते हम क्यूँ नहीं सरकार से
लोग लड़ते क्यूँ हैं बिदअत के लिए
कर दिए सरकार ने बर्बाद जो
घर बनाए थे सुकूनत के लिए
क्या मिरे मंदिर तिरी क्या मस्जिदें
यार हैं तो सब इबादत के लिए
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