दिल से ये पतझड़ निकल जाए अगर तुम लौट आओ
प्यार से ये दिल बहल जाए अगर तुम लौट आओ
जो पड़ा दिल के मकाँ में है चकाँ रौशन अँधेरा
दिल ये बनके दीप जल जाए अगर तुम लौट आओ
है ज़माने की नज़र में इश्क़ में बर्बाद पंकज
इश्क़ का ये कल बदल जाए अगर तुम लौट आओ
— Pankaj murenvi















