ishq qais farhaad romiyo jaise hi kar sakte hain | इश्क़ क़ैस फरहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं

  - Vashu Pandey

इश्क़ क़ैस फरहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं
हम तो ठहरे दस से छह तक ऑफ़िस जाने वाले लोग

  - Vashu Pandey

Love Shayari

Our suggestion based on your choice

    ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है
    इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है
    Ibrat Siddiqui
    28 Likes
    मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के, ज़रा नीची नज़र कर के
    ये कहता हूँ अभी तुम से, मोहब्बत हो गई तुम से
    Zubair Ali Tabish
    105 Likes
    मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
    कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
    Jawwad Sheikh
    134 Likes
    चलो करके देखेंगे इज़हार अब की
    मुहब्बत न होगी अदावत तो होगी
    Tiwari Jitendra
    'असद' ये शर्त नहीं है कोई मुहब्बत में
    कि जिससे प्यार करो उसकी आरज़ू भी करो
    Subhan Asad
    30 Likes
    दीवार है दुनिया इसे राहों से हटा दे
    हर रस्म-ए-मोहब्बत को मिटाने के लिए आ
    Hasrat Jaipuri
    23 Likes
    ज़रूरत सब कराती है मोहब्बत भी इबादत भी
    नहीं तो कौन बेमतलब किसी को याद करता है
    Umesh Maurya
    16 Likes
    दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती
    इतनी ख़ूबसूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
    Hastimal Hasti
    25 Likes
    नई नस्लें समझ पाएँ मुहब्बत के मआनी
    हमें इस वास्ते भी शाइरी करनी पड़ेगी
    Dipendra Singh 'Raaz'
    31 Likes
    इश्क़ के रंग में ऐ मेरे यार रंग
    आया फिर आज रंगों का तेहवार रंग

    हो गुलाबी या हो लाल पीला हरा
    आ लगा दूं तुझे भी मैं दो चार रंग
    Read Full
    Afzal Ali Afzal
    33 Likes

More by Vashu Pandey

As you were reading Shayari by Vashu Pandey

    अपना पूरा ज़ोर लगा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
    नफ़रत की दीवार गिराकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद

    इश्क़ के मुनकिर पूछ रहे हैं पहले गर्दन देगा कौन
    अब तो दोनों हाथ उठाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद

    तेरी चुप्पी ये साबित कर देगी कि तू बुज़दिल है
    वरना आँख से आँख मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद

    इस धरती से उस अम्बर तक एक ही नारा गूँजेगा
    मेरे संग आवाज़ मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
    Read Full
    Vashu Pandey
    10 Likes
    तुम्हें कैसा लगेगा गर किसी पिंजरे में रख कर के
    कोई तुमसे कहे तेरी हिफ़ाज़त कर रहे हैं हम
    Vashu Pandey
    40 Likes
    बाक़ी सारे काम भुलाकर इश्क़ किया
    सुबह से लेकर शाम बराबर इश्क़ किया

    ग़लती ये थोड़े थी इश्क़ किया हम ने
    ग़लती ये थी ग़ैर बिरादर इश्क़ किया
    Read Full
    Vashu Pandey
    27 Likes
    इसलिए भी इस शजर से सबको इतना प्यार है
    दे रहा है फल अभी ये और सायादार है

    ऐ ख़ुदा इस ना-ख़ुदा की ख़ैर हो ये नासमझ
    ये समझता है कि इसके हाथ में पतवार है
    Read Full
    Vashu Pandey
    35 Likes
    याद में तेरी शब भर तड़पा नहीं रहा
    हाय तेरा वो आशिक़ ज़िंदा नहीं रहा

    मरने से ये एक सहूलत मिली हमें
    कम से कम अब जान का ख़तरा नहीं रहा

    आँगन में बस इक दीवार उठी और फिर
    घर में कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा

    तुमको छत का रोना है और उनका क्या
    जिनके ऊपर बाप का साया नहीं रहा
    Read Full
    Vashu Pandey

Similar Writers

our suggestion based on Vashu Pandey

Similar Moods

As you were reading Love Shayari Shayari