दुखाकर दिल तिजोरी भर रहें हो जोकमाने से मगर बरकत नहीं होगीज़रूरत हो कभी जितनी कहो उतनाकभी चिल्लाने से इज़्ज़त नहीं होगी— Avijit Aman