राह में कोई अपने मुड़ेगा नहींएक टूटा तो दूजा जुड़ेगा नहींप्यार से बैठा है जो तेरी डाल परदिल का पंछी कहीं ये उड़ेगा नहीं— Kavi Neeraj Allahabadi