हाँ उस की सूरत कैसी है?
आँखों में देखो दिखती है?
वैसे लड़का अच्छा हूँ मैं
आगे फिर तेरी मर्ज़ी है
पहला बोसा देने में तो
हर लड़की ही शरमाती है
तेरी तस्वीर दिखा कर सब से
ये पूँछा जानम कैसी है
बस लहज़ा अच्छा कर अपना
लहज़े में सारी ग़लती है
तुम क्या बतलाओगे मुझ को
मैं ने भी दुनिया देखी है
पल भर में लाखों मरते हैं
सो जान यहाँ पर सस्ती है
— Prashant Sitapuri















