सपने मेरे ऐसे टूटा करते हैंतारे ऊपर जैसे टूटा करते हैंतुम जैसे लोगों को समझाऍं कैसेबारिश में घर कैसे टूटा करते हैं— Prikshit Bhardwaj 'aairf'