“शब्द ”

उदास हूँ ,परेशान हूँ ,बेजार हूँ
किसी आबाद शहर में ,वीरान वन में
एक शब्द की तलाश में हूँ
वो शब्द ,
जो मुझे बयाँ कर सके
जो मुझे अपना कह सके
जो उजाड़ में भी , मुझे आबाद कर सके
कमजोर वक़्त में , मुझे शांत कर सके
जो मेरी कविता का अंग बन सके
और
मेरी तरह ख़ुद भी बदनाम हो सके

— Pritam sihag

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