@Pritam_sihag
Pritam sihag shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Pritam sihag's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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रिवीज़न सौ दफ़ा कर के था मैं आया
क़िताबों के मैं पर्चे भी बना लाया
मैं बैठा इश्क़ के इस इम्तिहाँ में जब
तो पेपर ही सिलेबस से परे आया
संसार को बेहद ज़ालिम जान लिया मैंने
फिर उससे मिला हाथों को चूम दिया मैंने
जो उसने किताब-ए-ग़म तोहफ़े में मुझे दी थी
इक पन्ना ये याद-ए-रफ़्ता चूम लिया मैंने
तेरे बग़ैर मेरा अफ़्साना चाहता हूँ
या'नी कि ज़िंदगी में वीराना चाहता हूँ
यूँ ही नहीं लगाया सिगरेट को लबों से
मैं उसकी सारी यादें सुलगाना चाहता हूँ
यूँ तो लिख लूँगा अपने आप ही मेरी कहानी मैं
हो इन में नाम गर अपनों के भी शामिल तो क्या होता
ये तुम रोज किस दरिया में बह रहे हो
ये दिल खाली है, तुम कहाँ रह रहे हो
ये मैं हूँ कि ग़म में लिखे जा रहा हूँ
वो कहते हैं अच्छी ग़ज़ल कह रहे हो
ये कहानी झूठी है ,पर सच्चा मैं किरदार हूँ
यूँ ख़फ़ा मत हो तू ,मैं तेरे बिना बे-कार हूँ
ए मोहब्बत के समुंदर मुझ को ले डूबेगा तू
कश्ती भी उसकी हुई ,ऊपर से बे-पतवार हूँ
ये सोचा था ग़रीबी को किताबों से मिटाऊँगा
न था मालूम मैं भूखा किताबें ही खा जाऊँगा
मिरे कंधों पे घर का बोझ आता जा रहा है अब
मैं अब ख़्वाबों को बाहर का ही रास्ता तो दिखाऊंँगा