तू नहीं तो यहाँ दूसरा कौन है
ख़्वाब में फिर मुझे छू रहा कौन है
पूछती है उदासी लिपट के मुझे
मैं तेरी कौन हूँ तू मिरा कौन है
चाहता भी हूँ मेरा तमाशा बने
देखना है मुझे देखता कौन है
हाथ ज़ब छोड़ना उनका ये सोचना
तेरा दुनिया में उनके सिवा कौन है
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Ankit Raj
our suggestion based on Ankit Raj
As you were reading Wahshat Shayari Shayari