मुझ ऐसा शख़्स अगर क़हक़हों से भर जाएये साँस लेती उदासी तो घुट के मर जाएवो मेरे बा'द तरस जाएगा मोहब्बत कोउसे ये कहना अगर हो सके तो मर जाए— Rakib Mukhtar