अपने ही साए से बचकर चल रहा है
क्या बताऊँ वो जो अंदर चल रहा है
तुम तो कहते हो मोहब्बत करना छोड़ो
इश्क़ से ही तो मेरा घर चल रहा है
अगले हफ़्ते मुझ से आ कर वो मिलेगा
दिल अभी से मेरा रुक कर चल रहा है
साथ में कोई नहीं चल पाया लेकिन
एक साया जो बराबर चल रहा है
रोज़ उस को फोन कर के देखता हूँ
उस ने बदला है या नंबर चल रहा है
आठ या दस लड़कियों से है मोहब्बत
फिर भी सब को साथ ले कर चल रहा है
कोई मेरा ही क़रीबी आदमी है
उस का जिस के साथ चक्कर चल रहा है
— Raj Sengar















