मैं अब तो याद दिलबर की पुरानी छोड़ आया हूँ

उसी के पास चीज़ें कुछ निहानी छोड़ आया हूँ

लुटा कर कैरियर अपना तिरे पीछे रहा हरदम
तिरे पीछे सनम अपनी जवानी छोड़ आया हूँ

यहाँ बैठा हुआ हूँ मैं अकेला रोड पर कब से
वही ग़म साथ है रातें सुहानी छोड़ आया हूँ

रुलाया था मुझे बेहद रक़ीबों को बुला जिस ने
उसी की आँख में अब देख पानी छोड़ आया हूँ

— Raunak Karn

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