जो लड़की दोस्तों मेरे दिल में मकीन है
अपनी सहेलियों में वो सबसे हसीन है
यूँँ वरग़लाए में नहीं आएगी आपके
मैं उसको जानता हूँँ वो बेहद ज़हीन है
मैंने जो पूछा कितना है मुझ पर तुझे यक़ीन।
कहने लगी के ख़ुद से भी ज़्यादा यक़ीन है
तू ही बता मैं क्यूँँ नहीं देखूँ भला इसे
मानिंद-ए-माहताब ये तेरी जबीन है
इक रोज़ मुझसे आन के कहने लगी शजर
तू दिल है मेरी जान है तू मेरा दीन है
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