kya rab se fariyaad karogi kar lenge | क्या रब से फ़रियाद करोगी कर लेंगे

  - Shajar Abbas

क्या रब से फ़रियाद करोगी कर लेंगे
दिल को कैसे शाद करोगी कर लेंगे

मेरे जैसे 'इश्क़ में अपने आपको तुम
हु-ब-हू बर्बाद करोगी कर लेंगे

बाद-ए-फ़ुर्क़त जाने वफ़ा ये बतलाओ
क्या तुम मुझको याद करोगी कर लेंगे

अच्छा मेरे आबा-ओ-अजदाद को तुम
आबा-ओ-अजदाद करोगी कर लेंगे

मेरी हिरास में पागल लड़की क्या ख़ुद को
बतलाओ सय्याद करोगी कर लेंगे

हम जैसे मज़लूम-ओ-बेकस आशिक़ की
थोड़ी सी इमदाद करोगी कर लेंगे

दिल का ये जो मन्दिर उजड़ा उजड़ा है
तुम इसको आबाद करोगी कर लेंगे

जान-ए-तमन्ना अपनी रेशमी ज़ुल्फ़ों को
क़ैद से कब आज़ाद करोगी कर लेंगे

मुझ जैसे एक छोटे सारे शाइर को
क्या अपना उस्ताद करोगी कर लेंगे

नाम-ए-शजर का जान-ए-वफ़ा ऐ जान-ए-जिगर
ठीक से कब बहज़ाद करोगी कर लेंगे

  - Shajar Abbas

Ulfat Shayari

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