ख़ंजर ये हमला करने को क्या सर तक आ गए
या हमला करने सर सभी ख़ंजर तक आ गए
जिस दर से लेने आते थे रोटी मलाइका
ज़ालिम लगाने आग उसी दर तक आ गए
करने को नोश जाम-ए-शहादत को शौक़ से
देखो तो सारे प्यासे समंदर तक आ गए
कैसे हमारे घर का मिला आपको पता
हम नक़्श-ए-पा पे चल के तेरे घर तक आ गए
कल तक जो लोग बिस्तर-ए-मख़मल पे थे शजर
वो सारे लोग ख़ाक के बिस्तर तक आ गए
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