mat poochiye ye hamse ye kya kar rahe hain ham | मत पूछिए ये हमसे ये क्या कर रहे हैं हम

  - Shajar Abbas

मत पूछिए ये हमसे ये क्या कर रहे हैं हम
तहरीर इस्म-ए-जान-ए-वफ़ा कर रहे हैं हम

उनसे अगरचे शिकवा गिला कर रहे हैं हम
वो कह रहे हैं उन पे जफ़ा कर रहे हैं हम

तुम जिस जगह रहो तुम्हें खुशियाँ नसीब हों
हक़ में तुम्हारे रब से दुआ कर रहे हैं हम

देना सदा पे तुम मेरी लब्बैक की सदा
हलमिन की लो बुलन्द सदा कर रहे हैं हम

ये लग रहा है तुमसे दग़ा करते में शजर
जैसे कि आज ख़ुद से दग़ा कर रहे हैं हम

  - Shajar Abbas

Birthday Shayari

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